केंद्र और राज्य का दोगुना लाभ
PM-Kisan योजना के तहत केंद्र सरकार सालाना 6,000 रुपये किसानों को देती है, जो 2,000 रुपये की तीन किस्तों में बांटी जाती है। वहीं, बिहार सरकार की कर्पूरी ठाकुर सम्मान निधि योजना में सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त राशि प्रदान करने की घोषणा की है। यदि दोनों योजनाओं का भुगतान एक साथ किया गया तो इस बार बिहार के किसानों के खातों में 2,000 रुपये की जगह 3,000 रुपये तक की राशि आ सकती है।
कब मिल सकती है 22वीं किस्त?
अभी तक केंद्र सरकार ने आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि, होली और होलिका दहन जैसे त्योहारों को ध्यान में रखते हुए संभावना जताई जा रही है कि किस्त होली के तुरंत बाद किसानों के खातों में भेज दी जाएगी।
किस्त अटकने से बचने के लिए जरूरी काम
किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके रिकॉर्ड पूरी तरह अपडेट हों। अगर किसी भी डिटेल में कमी रहती है तो किस्त अटक सकती है। इसलिए किसान PM-Kisan पोर्टल पर आधार आधारित e-KYC करा लें। बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और NPCI मैपिंग सक्रिय होनी चाहिए। आवेदन फॉर्म में नाम, पता या बैंक अकाउंट नंबर सही होना जरूरी है।
किसान अपनी किस्त की स्थिति ऐसे जान सकते हैं
PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर “Know Your Status” या “Beneficiary Status” विकल्प चुनें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करें। कैप्चा कोड भरकर सबमिट करें। दरअसल, इस योजना के जरिए बिहार के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं और त्योहारों के समय उनके खाते में अतिरिक्त धन मिलने से खुशी और उत्साह का माहौल बन सकता है।

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