बंगाल में किसकी बनेगी सरकार? सर्वे में BJP की सेंध

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी 'परिवर्तन यात्रा' की शुरुआत कर दी है। रविवार को कूच बिहार से रवाना हुई इस यात्रा का उद्देश्य पूरे राज्य में पार्टी की पहुंच बढ़ाना और मतदाताओं को भाजपा की नीतियों से अवगत कराना है। यात्रा के समापन पर 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे।

मतदाता सूची में बदलाव और घुसपैठियों का मुद्दा

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दावा किया है कि हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद लगभग 50 लाख घुसपैठियों के नाम हटा दिए गए हैं। उनका कहना है कि ये लोग सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे और राज्य की वास्तविक नागरिकता को खतरे में डाल रहे थे। नवीन ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठियों को संरक्षण दिया।

तृणमूल कांग्रेस पर निशाना

BJP नेताओं का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार और कुशासन का बोलबाला है। नवीन ने कहा कि बंगाल बदलाव के लिए तरस रहा है और जनता एक नई, जवाबदेह सरकार चाहती है। उनका संदेश है कि घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा और एक ऐसी सरकार बनेगी जो विकास और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करे।

यात्रा का कार्यक्रम

परिवर्तन यात्रा राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। हालांकि होली और डोल यात्रा के कारण कुछ दिनों के लिए रैलियों को स्थगित किया गया है, लेकिन 5 मार्च से यह फिर से सभी क्षेत्रों में जारी रहेंगी। BJP के कई केंद्रीय नेता भी इस यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शामिल हैं।

चुनावी रणनीति

भाजपा का उद्देश्य मतदाताओं को पार्टी की योजनाओं और सरकार बनाने की क्षमता के प्रति जागरूक करना है। यात्रा के दौरान विभिन्न रैलियों के माध्यम से पार्टी के संदेश को सीधे जनता तक पहुंचाया जाएगा। यात्रा का समापन 15 मार्च को प्रधानमंत्री की रैली से होगा, जिसमें पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के सभी प्रमुख चेहरे शामिल होंगे।

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