जमीन मालिक बनेंगे भागीदार
इस परियोजना में जमीन मालिकों को सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि साझेदारी दी जाएगी। लैंड पूलिंग मॉडल के तहत उन्हें टाउनशिप में शेयर होल्डर बनाया जाएगा। विकास के बाद कम से कम 55 प्रतिशत जमीन वापस उन्हें दी जाएगी, जिससे उनकी संपत्ति का मूल्य कई गुना बढ़ सकता है।
जमीन की कीमत में बड़ा उछाल
सरकार का दावा है कि टाउनशिप विकसित होने के बाद जमीन की कीमत 10 से 20 गुना तक बढ़ सकती है। खासकर पटना के आसपास के क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी और ज्यादा हो सकती है। ऐसे में जमीन मालिकों को लंबे समय में बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
जमीन न देने पर भी मिलेगा लाभ
जो किसान लैंड पूलिंग के तहत अपनी जमीन नहीं देना चाहते, उनके लिए सरकार ने विकल्प रखा है। ऐसे मामलों में जमीन बाजार दर से अधिक कीमत पर खरीदी जाएगी। साथ ही, उन्हें टीडीआर (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) का लाभ भी दिया जाएगा, जिससे वे दूसरी जगह अधिक निर्माण का अधिकार हासिल कर सकते हैं या इसे बेच सकते हैं।
अक्टूबर-नवंबर तक आएगा ड्राफ्ट प्लान
सरकार इस साल अक्टूबर-नवंबर तक टाउनशिप का विस्तृत प्रारूप नक्शे और खाता-खेसरा के साथ जारी करेगी। इसके बाद लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे, और सहमति बनने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
जमीन खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक
चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है, ताकि बिचौलियों द्वारा किसानों से सस्ती जमीन खरीदने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके। जैसे-जैसे किसान सहमति देंगे, यह रोक हटाई जाती जाएगी।
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