डिजिटल सिस्टम से बच्चों की होगी बेहतर निगरानी
सरकार द्वारा लागू किए जा रहे डिजिटल सपोर्ट सिस्टम (DSS) के जरिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब 0 से 6 साल तक के बच्चों के विकास का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर सकेंगी। इसमें मोटर स्किल, भाषा, संज्ञानात्मक क्षमता, सामाजिक व्यवहार, दृष्टि और श्रवण जैसे छह प्रमुख पहलुओं पर नजर रखी जाएगी। इससे बच्चों में विकास से जुड़ी किसी भी देरी की पहचान समय रहते हो सकेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं से बेहतर समन्वय
इस पहल के तहत आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को आरबीएसके टीम के माध्यम से जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) तक भेजने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, जिससे इलाज और देखभाल में तेजी आएगी।
व्हाट्सएप चैनल से मिलेगी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान 'हमारे बच्चे, हमारा परिवार' नाम से एक व्हाट्सएप कम्युनिटी चैनल भी लॉन्च किया गया। इसके जरिए अभिभावकों तक पोषण, देखभाल, शुरुआती शिक्षा और बच्चों के मानसिक विकास से जुड़ी अहम जानकारी पहुंचाई जाएगी।
बच्चों के शुरुआती विकास पर फोकस
दरअसल, बच्चे के जीवन के पहले छह वर्षों में उसके मस्तिष्क का लगभग 85% विकास हो जाता है। ऐसे में सही पोषण, संवाद और खेल आधारित शिक्षा बेहद जरूरी है। सरकार इसी दिशा में काम करते हुए मातृ एवं शिशु पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
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