वेतन बढ़ोतरी की मांग
कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन में बड़ा इजाफा करने की मांग की है। खास तौर पर ग्रुप-डी (लेवल-1) कर्मचारियों के लिए बेसिक पे को 50,000 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई है, जिससे सैलरी में सीधा और बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
शिक्षा भत्ते में बड़ा बदलाव
कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस बढ़ाने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आई है। वर्तमान में मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह करने का सुझाव दिया गया है। इतना ही नहीं, इसे 12वीं तक सीमित रखने के बजाय ग्रेजुएशन तक देने की मांग भी की गई है।
नए जमाने का डिजिटल अलाउंस
पहली बार कर्मचारियों के लिए डिजिटल सपोर्ट अलाउंस की मांग उठाई गई है। इसके तहत हर महीने 2,000 रुपये इंटरनेट और AI आधारित कार्यों के लिए देने का प्रस्ताव है। बदलते समय के साथ यह सुविधा कर्मचारियों के कामकाज को और आसान बना सकती है।
HRA और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को भी बढ़ाने की मांग की गई है। मौजूदा दरों 10%, 20% और 30% को बढ़ाकर 12%, 24% और 36% करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट अलाउंस में भी इजाफा करने की बात कही गई है, जिससे कर्मचारियों के दैनिक खर्चों में राहत मिल सकती है।
छुट्टियों और बोनस में राहत की उम्मीद
कर्मचारी संगठनों ने छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव की मांग की है। इसमें कैजुअल लीव, अर्नड लीव और मेडिकल लीव बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल है। साथ ही रिटायरमेंट के समय लीव एनकैशमेंट की सीमा बढ़ाने और बोनस में चार गुना तक बढ़ोतरी की मांग भी रखी गई है।

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