मोटे अनाज और दलहनी फसलों पर जोर
सरकार इस योजना के जरिए पारंपरिक खेती के साथ-साथ पोषण और बाजार की मांग को भी ध्यान में रख रही है। किसानों को ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा और कोदो जैसे मोटे अनाजों के उन्नत बीज मुफ्त दिए जाएंगे। इसके अलावा अरहर, मूंग, उड़द और तिल जैसी दलहनी और तिलहनी फसलों के बीज भी मिनी किट के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से जहां एक ओर पोषणयुक्त फसलों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं किसानों की आय के नए रास्ते भी खुलेंगे।
ऑनलाइन पंजीकरण से मिलेगा लाभ
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। सभी आवेदनों में से पात्र किसानों का चयन लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। जानकारी के अनुसार, चयन प्रक्रिया 10 मई 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। जिन किसानों का चयन होगा, उन्हें मोबाइल पर सूचना भेजी जाएगी और वे अपने नजदीकी सरकारी बीज भंडार से बीज प्राप्त कर सकेंगे।
अनुदान पर भी उपलब्ध बीज
सरकार केवल मुफ्त बीज तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ प्रमुख फसलों के लिए अतिरिक्त सुविधा भी दे रही है। संकर धान, मक्का, ज्वार और बाजरा के बीज किसानों को 50% अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसान कम लागत में बेहतर गुणवत्ता के बीज प्राप्त कर सकेंगे।
किसानों की आय बढ़ाने की पहल
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ बीज वितरण नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्नत बीजों के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आमदनी में सुधार होगा। साथ ही, मोटे अनाज को बढ़ावा देने से बाजार में उनकी मांग भी मजबूत होगी।

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