यूपी के 12 जिलों गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, जल्द होगा शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एक बार फिर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के जरिए नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से राज्य में कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन तीनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह परियोजना लंबे समय से चर्चा में रही है और अब इसके उद्घाटन के साथ ही आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने लगेगा।

मेरठ से प्रयागराज तक तेज सफर

यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर पूर्वी हिस्से के प्रयागराज तक जाएगा। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह मार्ग यात्रा को बेहद आसान बना देगा। जहां पहले इस दूरी को तय करने में लंबा समय लगता था, वहीं अब यह सफर लगभग 8 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे रोजमर्रा की आवाजाही के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

कई जिलों और गांवों को फायदा

गंगा एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा असर उन क्षेत्रों पर पड़ेगा, जहां से यह होकर गुजरता है। करीब 12 जिलों और सैकड़ों गांवों को यह सीधे जोड़ता है। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। सड़क किनारे छोटे-बड़े व्यवसाय विकसित होने की पूरी संभावना है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक कनेक्टिविटी का भी मजबूत माध्यम बनेगा। प्रयागराज, वाराणसी और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने से श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। लोग संगम में स्नान, काशी विश्वनाथ के दर्शन और आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

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