आयोग की बैठकों में तेज हुई गतिविधियां
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह पैनल तेजी से काम कर रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि समय सीमित होने के कारण सभी संगठनों से विस्तार से बातचीत करना संभव नहीं होगा, लेकिन अधिकतर प्रमुख स्टेकहोल्डर्स को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी निगाहें
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। इसी के आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय होती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी मिलती है, तो वर्तमान न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹50,000 से अधिक तक पहुंच सकती है। यह बदलाव लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय पर सीधा असर डाल सकता है।
करोड़ों लोगों को मिल सकता है लाभ
इस संभावित बढ़ोतरी का लाभ लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि जीवन स्तर में भी सुधार आने की संभावना है।
दिल्ली के बाहर भी होगी सुनवाई
आयोग ने यह भी साफ किया है कि केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी बैठकें की जाएंगी। इससे दूर-दराज के कर्मचारी संगठनों को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
लागू होने की समयसीमा
8वें वेतन आयोग का 1 जनवरी 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है। फिलहाल विभिन्न मंत्रालयों और श्रमिक संगठनों से इनपुट लेकर आयोग अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है।

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