ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
राज्य में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से तराई क्षेत्र के कई जिलों में महिलाओं को डेयरी क्षेत्र से जोड़ा गया है। बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर और रामपुर जैसे जिलों में 55 हजार से अधिक महिलाएं इस पहल से जुड़कर आज सफल उद्यमी बन चुकी हैं।
डेयरी उद्योग को मिला नया रूप
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण डेयरी उद्योग में बड़ा बदलाव आया है। दूध उत्पादन, संग्रहण और विपणन की एक संगठित व्यवस्था तैयार हुई है, जिससे आय के स्थायी स्रोत विकसित हुए हैं। इससे न केवल गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि महिलाओं की सामाजिक स्थिति में भी सुधार आया है।
बाजार से सीधा जुड़ाव
सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन जैसे संगठनों ने महिलाओं को प्रशिक्षण और प्रबंधन की सुविधाएं देकर उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने का काम किया है। इससे डेयरी व्यवसाय को एक पेशेवर रूप मिला है और मुनाफा भी बढ़ा है।
पशुपालन में सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की बेहतर उपलब्धता से पशुपालन में सुधार हुआ है। पशुओं की देखभाल और इलाज में आसानी होने से दूध उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे महिलाओं की आय में भी इजाफा हो रहा है।

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