ग्रुप-डी कर्मचारियों की लगी लॉटरी, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। हरियाणा सरकार ने चतुर्थ श्रेणी (ग्रुप-डी) कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है। राज्य में अब लिपिकीय पदों पर पदोन्नति का कोटा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। इस निर्णय को कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

यह बदलाव हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किए गए नए विधेयक के माध्यम से किया गया, जिसे सदन में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। सरकार का कहना है कि यह कदम पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पुरानी व्यवस्था में क्या थी समस्या

पहले ग्रुप-डी कर्मचारियों को पदोन्नति के सीमित अवसर मिलते थे। कई विभागों में पदोन्नति पाने के लिए कर्मचारियों को 10 से 15 साल तक इंतजार करना पड़ता था। इसके अलावा, पदोन्नति केवल विभागीय स्तर पर सीमित होने के कारण कई योग्य कर्मचारियों को अवसर नहीं मिल पाता था।

नई व्यवस्था में क्या बदला

नए विधेयक के तहत अब पदोन्नति कोटा बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे अधिक संख्या में ग्रुप-डी कर्मचारियों को लिपिक पद पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही कामन कैडर व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिससे अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को समान अवसर मिल सके।

पदोन्नति प्रक्रिया होगी तेज

सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से पदोन्नति प्रक्रिया न केवल सरल होगी बल्कि समयबद्ध भी हो जाएगी। अब कर्मचारियों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और योग्य उम्मीदवारों को जल्दी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

कर्मचारियों में खुशी का माहौल

इस फैसले के बाद ग्रुप-डी कर्मचारियों में उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से पदोन्नति में आ रही रुकावटों से परेशान कर्मचारियों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत माना जा रहा है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इससे कार्यक्षमता और मनोबल दोनों में सुधार होगा।

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