बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की मांग
शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि लेवल-6 (एंट्री लेवल शिक्षक) की बेसिक सैलरी को बढ़ाकर लगभग 1.34 लाख रुपये किया जाए। वहीं लेवल-1 कर्मचारियों के लिए 50,000 से 60,000 रुपये मासिक वेतन की मांग रखी गई है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर में संशोधन की मांग
वेतन वृद्धि का सबसे अहम आधार फिटमेंट फैक्टर होता है। वर्तमान में इसे 2.57 माना जाता है, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 2.62 से 3.83 के बीच करने की मांग की है। इससे कर्मचारियों की सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
सालाना इंक्रीमेंट और DA पर मांग
संगठनों ने सालाना वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 6-7% करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही मांग की गई है कि जब महंगाई भत्ता (DA) 50% तक पहुंच जाए, तो उसे मूल वेतन में जोड़ दिया जाए, जिससे भविष्य की पेंशन और अन्य लाभ भी बढ़ जाएंगे।
शिक्षा और डिजिटल भत्ते की मांग
डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए 2,000 रुपये मासिक डिजिटल अलाउंस की मांग की गई है। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा भत्ता को 2,800 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
मेडिकल और इंश्योरेंस सुविधाएं
कर्मचारियों ने 100% कैशलेस मेडिकल सुविधा और ग्रुप इंश्योरेंस कवर को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये तक करने की मांग रखी है। इसके अलावा न्यूनतम बोनस को 27,640 रुपये करने का भी प्रस्ताव है।
रिटायरमेंट और प्रमोशन में सुधार
प्रमोशन प्रक्रिया को तेज करने के लिए हर 6 साल में प्रमोशन देने की मांग की गई है। वहीं TGT से PGT बनने की अवधि को भी घटाने का सुझाव दिया गया है। रिटायरमेंट उम्र को बढ़ाकर 65 वर्ष करने और ग्रेच्युटी सीमा को 50 लाख रुपये तक करने की मांग की गई है।
OPS की वापसी की मांग
सबसे प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली शामिल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि NPS के बजाय OPS लागू होने से रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय सुनिश्चित हो सकेगी।
भत्तों में सुधार की मांग
शिक्षक संगठनों ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को 12%, 24% और 36% के नए स्लैब में संशोधित करने की मांग की है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट अलाउंस को 12-15% या कम से कम 9,000 रुपये प्रतिमाह करने का सुझाव दिया गया है।

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