किसानों के लिए राहत की घोषणा
राज्य सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत प्रभावित किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से हुई फसल क्षति की भरपाई करना है। किसान 5 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह मुआवजा मार्च के अंतिम दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आधार पर दिया जाएगा।
13 जिलों के हजारों किसानों को फायदा
इस राहत योजना का लाभ बिहार के 13 जिलों के किसानों को मिलेगा। इनमें सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर जैसे जिले शामिल हैं। इन जिलों के कुल 88 प्रखंडों और लगभग 1484 पंचायतों के किसानों को इस योजना के दायरे में रखा गया है।
फसल के अनुसार मुआवजा राशि तय
सरकार ने फसल और भूमि के प्रकार के आधार पर अलग-अलग सहायता राशि तय की है:
असिंचित भूमि के लिए: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
सिंचित भूमि के लिए: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर
बहुवर्षीय फसल जैसे गन्ना आदि के लिए: 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर
इसके अलावा न्यूनतम और अधिकतम सहायता की सीमा भी तय की गई है, ताकि छोटे और बड़े दोनों तरह के किसानों को उचित लाभ मिल सके।
कौन कर सकता है आवेदन
इस योजना का लाभ रैयत और गैर-रैयत दोनों प्रकार के किसान ले सकते हैं। आवेदन करते समय किसानों को आधार आधारित सत्यापन और परिवार से जुड़ी सही जानकारी देना अनिवार्य होगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनका पंजीकरण पहले से कृषि विभाग में दर्ज है।

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