होर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति में भारी गिरावट
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण भारत की तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होने वाले तेल आयात में लगभग 61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। अब इस रास्ते से आने वाला तेल घटकर लगभग 1.18 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है। इस स्थिति के कारण कई तेल जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
रूस बना भारत का सबसे बड़ा तेल स्रोत
इस संकट के बीच रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। रूस से तेल आयात फरवरी की तुलना में लगभग दोगुना होकर करीब 2.25 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। भारत को विशेष छूट के तहत समुद्री मार्ग से रूसी तेल खरीदने की अनुमति भी मिली हुई है, जिससे आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।
तेल निर्यातक देशों की हिस्सेदारी में गिरावट
तेल निर्यातक देशों के संगठन की हिस्सेदारी भारत के कुल तेल आयात में घटकर लगभग 29 प्रतिशत के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गई है। यह पहली बार है जब इन देशों का भारत के ऊर्जा बाजार पर प्रभाव इतना कम हुआ है।
तेल आपूर्ति में नया क्रम
रूस पहले स्थान पर
सऊदी अरब दूसरे स्थान पर
अंगोला तीसरे स्थान पर
संयुक्त अरब अमीरात चौथे स्थान पर
इराक पांचवें स्थान पर

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