बिहार पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर, जानें नया अपडेट

पटना। बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। इस बार चुनाव कई मायनों में खास होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक बनाते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होने की उम्मीद है।

पहली बार मल्टी पोस्ट ईवीएम का इस्तेमाल

बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए एस-3 मॉडल की मल्टी पोस्ट ईवीएम की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मशीन पारंपरिक ईवीएम से अलग है और एक साथ कई पदों पर मतदान की सुविधा देती है। पंचायत चुनाव में एक ही समय पर कई पदों के लिए वोटिंग होती है, इसलिए इस नई तकनीक को लागू किया जा रहा है ताकि प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित बन सके।

अप्रैल में जिलों तक पहुंचेंगी मशीनें

निर्वाचन आयोग के अनुसार, अप्रैल महीने के भीतर सभी जिलों को ईवीएम उपलब्ध करा दी जाएंगी। इसके बाद इन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो सके।

जिलाधिकारियों के साथ बैठक

राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। इस बैठक में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई और समय पर सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ईवीएम की सुरक्षा और प्रबंधन में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

फर्स्ट लेवल चेकिंग पर खास जोर

आयोग ने निर्देश दिया है कि ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाए। इससे मशीनों की विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी और पारदर्शिता बनी रहेगी। इसके साथ ही 2011 की जनगणना के आधार पर वार्डवार जनसंख्या का सत्यापन कर उसे अपडेट करने का काम भी तेज किया जा रहा है।

हर बूथ पर होंगी 6 बैलेट यूनिट

मल्टी पोस्ट ईवीएम की खासियत यह है कि इसमें एक कंट्रोल यूनिट के साथ कई बैलेट यूनिट जुड़ी होती हैं। पंचायत चुनाव में एक साथ 6 पदों के लिए मतदान होना है, इसलिए हर मतदान केंद्र पर 6 बैलेट यूनिट लगाई जाएंगी। मतदाता अलग-अलग पदों के लिए अलग यूनिट में वोट डालेंगे, जबकि पूरा नियंत्रण एक ही मशीन से किया जाएगा।

नवंबर-दिसंबर में संभावित चुनाव

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में पंचायत चुनाव नवंबर या दिसंबर 2026 में कराए जा सकते हैं। चुनाव से पहले वोटर लिस्ट तैयार करने और पंचायत स्तर पर प्रारूप प्रकाशित करने की प्रक्रिया जारी है। सभी जिलाधिकारियों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, ताकि चुनाव की तैयारियां समय पर पूरी हो सकें।

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