उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत
राज्य के ऊर्जा मंत्री एके शर्माने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी उपभोक्ता ने बकाया राशि जमा कर दी है, लेकिन तय समय के भीतर उसका बिजली कनेक्शन चालू नहीं होता, तो संबंधित अधिशासी अभियंता (XEN) अपने स्तर पर इसे तुरंत बहाल कराएंगे। इससे पहले यह अधिकार केवल मीटर कंपनियों के पास था, जिसके कारण उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब इस नई व्यवस्था से बिजली बहाली की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।
विभाग और कंपनियों के बीच नई व्यवस्था
सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के कारण कटे हैं, उनकी जानकारी अब विभागीय अधिकारियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बिजली विभाग सीधे कार्रवाई कर सकेगा और उपभोक्ताओं को राहत देने में देरी नहीं होगी। पहले चरण में यह व्यवस्था कुछ चुनिंदा जिलों में लागू की जा रही है, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तार देने की योजना है।
पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर रोक
पावर कॉरपोरेशन ने स्थिति को देखते हुए एक चार सदस्यीय समिति गठित की है, जो मीटरों की गुणवत्ता की जांच करेगी। जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
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