8वें वेतन आयोग के लिए नेशनल काउंसिल (NC-JCM) का प्रस्ताव।
1 .8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी उम्मीदें बन रही हैं, क्योंकि सैलरी स्ट्रक्चर में व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है और कर्मचारी संगठनों ने इस बार पूरे ढांचे को नए सिरे से बनाने की मांग रखी है।
2 .सबसे बड़ा प्रस्ताव न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹69,000 करने का है, जिसके पीछे तर्क दिया गया है कि मौजूदा वेतन व्यवस्था बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की वास्तविक लागत के अनुसार अब पर्याप्त नहीं है।
3 .वेतन तय करने के आधार में भी बदलाव की बात सामने आई है, जिसमें परिवार इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 यूनिट करने का सुझाव दिया गया है, ताकि कर्मचारियों की वास्तविक जिम्मेदारियों को सही तरीके से शामिल किया जा सके।
4 .वेतन निर्धारण के लिए 'लिविंग वेज' मॉडल अपनाने की मांग की गई है, जिसमें भोजन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी, सामाजिक खर्च और डिजिटल जरूरतों जैसे जरूरी खर्चों को शामिल कर सम्मानजनक जीवन स्तर के अनुसार सैलरी तय की जाए।
5 .फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जो मौजूदा 2.57 से काफी ज्यादा है, और अगर इसे मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों की आय में भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
6 .फिलहाल यह पूरा मामला परामर्श प्रक्रिया में है, जिसमें सरकार विभिन्न हितधारकों से सुझाव ले रही है और अंतिम फैसला 30 अप्रैल 2026 के बाद तय होगा, जिसके बाद सैलरी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव संभव माना जा रहा है।

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