इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले चरण में पात्र महिलाओं को 10,000 रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है, वहीं अब तय मानकों को पूरा करने वाली महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 20,000 रुपये दिए जाएंगे।
तीन चरणों में होगा भुगतान
दूसरी किस्त का भुगतान एक तय प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। पहले ग्राम संगठन स्तर पर सत्यापन होगा, इसके बाद प्रखंड स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा। अंतिम चरण में राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
लाखों महिलाओं को मिला लाभ
अब तक राज्य में लाखों महिलाओं को इस योजना के तहत पहली किस्त मिल चुकी है। बड़ी संख्या में महिलाएं इस राशि का उपयोग कर छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं। फल-सब्जी की दुकान, सिलाई-कढ़ाई, किराना स्टोर, पशुपालन और अन्य गतिविधियों के जरिए महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं।
आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम
यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वासी और स्वावलंबी बनाने का भी माध्यम बन रही है। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से और अधिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे महिलाओं के व्यवसाय को विस्तार मिल सके।

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