ड्रोन ने बदल दिया युद्ध का समीकरण
आज के समय में छोटे ड्रोन युद्ध का बड़ा हथियार बन चुके हैं। मिडिल ईस्ट जैसे क्षेत्रों में हाल के संघर्षों के दौरान देखा गया कि ये ड्रोन कम लागत में बनकर भी भारी नुकसान पहुंचाने में सक्षम हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन्हें रोकने के लिए देशों को बहुत महंगे मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिससे रक्षा खर्च काफी बढ़ जाता है। इसी असंतुलन ने नई तकनीक की जरूरत को जन्म दिया।
अमेरिकी नौसेना का बड़ा कदम
अमेरिकी नौसेना ने अपने विमानवाहक पोत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश पर LOCUST नामक लेजर हथियार प्रणाली का सफल परीक्षण किया है। यह पहली बार है जब किसी एयरक्राफ्ट कैरियर पर लेजर हथियार को तैनात कर वास्तविक परिस्थितियों में जांचा गया है। बता दें की परीक्षण 5 अक्टूबर 2025 को किया गया था, जिसमें सिस्टम ने कई छोटे ड्रोनों को ट्रैक कर उन्हें कुछ ही सेकंड में हवा में ही नष्ट कर दिया। बाद में इसकी जानकारी और तस्वीरें सार्वजनिक की गईं।
LOCUST लेजर सिस्टम की ताकत
एयरोवाइरन्मेंट कंपनी द्वारा तैयार यह LOCUST सिस्टम खास तौर पर छोटे और तेज़ ड्रोन खतरों से निपटने के लिए बनाया गया है। इसकी खास बातें यह है की इसे जहाज पर कहीं भी आसानी से लगाया जा सकता है। यह पैलेट सिस्टम की तरह काम करता है और आधुनिक सेंसर की मदद से लक्ष्य को तुरंत पहचान लेता है। यह रात या खराब मौसम में भी काम करने में सक्षम है, लक्ष्य मिलते ही लेजर बीम से तुरंत नष्ट कर देता है।
तकनीकी शक्ति और सीमाएं
इस समय LOCUST लेजर की क्षमता लगभग 20 से 26 किलोवाट के बीच है, जो छोटे ड्रोन को नष्ट करने के लिए पर्याप्त मानी जाती है। लेकिन समुद्र में मौजूद नमी, नमक और धूल इसकी क्षमता पर असर डाल सकते हैं। इस चुनौती को दूर करने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

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