भारत-अमेरिका के बीच शुरू हो रही ट्रेड डील, चीन की नजर!

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को लेकर आज से वॉशिंगटन में तीन दिनों की अहम वार्ता शुरू हो गई है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था में टैरिफ और नीतिगत बदलावों को लेकर लगातार अस्थिरता बनी हुई है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल की कमान किसके पास?

इस वार्ता में भारत की ओर से करीब 12 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। भारतीय टीम का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं। उनके साथ सीमा शुल्क विभाग और विदेश मंत्रालय के विशेषज्ञ अधिकारी भी मौजूद हैं, जो व्यापार से जुड़े तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर चर्चा करेंगे।।

अमेरिका की टैरिफ नीति और वैश्विक असर

अमेरिका में टैरिफ नीतियों को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक बहस के बीच हालात लगातार बदल रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय लगाए गए व्यापक टैरिफ पर अदालत के फैसले के बाद नई व्यापारिक रणनीतियों पर काम शुरू हुआ। इसके बाद कुछ देशों पर अस्थायी तौर पर टैरिफ व्यवस्था लागू की गई, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ा।

भारत-अमेरिका व्यापार का मौजूदा आंकड़ा

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात लगभग स्थिर वृद्धि के साथ 87.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें करीब 0.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। दूसरी ओर, अमेरिका से भारत का आयात तेजी से बढ़कर 52.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

चीन की नजर क्यों बनी हुई है?

भारत और अमेरिका के बीच होने वाली यह बातचीत सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक प्रभाव के कारण चीन इस पर करीबी नजर बनाए हुए है। यदि दोनों देश व्यापारिक सहयोग बढ़ाते हैं, तो इसका असर चीन के निर्यात और क्षेत्रीय आर्थिक संतुलन पर भी पड़ सकता है।

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