भारत का दमदार दांव: फिलीपींस में गरजेगा ब्रह्मोस, चीन तक जाएगी आवाज

न्यूज डेस्क। भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा सहयोग अब एक नए स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच फिलीपींस की सेना पहली बार भारत निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल की सिमुलेशन फायरिंग करने जा रही है। यह कदम न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित करेगा, बल्कि एशिया में भारत की रणनीतिक भूमिका को भी मजबूत करेगा।

बालिकतन अभ्यास में दिखेगी ताकत

यह सिमुलेशन फायरिंग बालिकतन अभ्यास के दौरान की जाएगी, जो फिलीपींस और अमेरिका के बीच होने वाला सबसे बड़ा वार्षिक सैन्य अभ्यास है। इस दौरान फिलीपींस की नौसेना समुद्री हमले के परिदृश्य में ब्रह्मोस मिसाइल के उपयोग का अभ्यास करेगी। फिलीपींस के लिए यह मिसाइल उसकी रक्षा क्षमता में एक बड़ा इजाफा मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन के साथ उसका विवाद लगातार बना हुआ है।

क्या होती है सिमुलेशन फायरिंग?

सिमुलेशन फायरिंग असली मिसाइल दागने के बजाय एक वर्चुअल अभ्यास होता है। इसमें सैनिक कंप्यूटर आधारित सिस्टम और वास्तविक लॉन्चर के कंट्रोल पैनल के जरिए दुश्मन के लक्ष्यों को ट्रैक करने और उन्हें निशाना बनाने की प्रक्रिया सीखते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना किसी जोखिम और भारी खर्च के सैनिकों को वास्तविक युद्ध जैसी ट्रेनिंग मिल जाती है। इससे न केवल सुरक्षा बनी रहती है, बल्कि महंगे हथियारों और गोला-बारूद की भी बचत होती है।

फिलीपींस की रणनीति में बड़ा बदलाव

फिलीपींस ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल को अपनी तटीय सुरक्षा और समुद्री रक्षा को मजबूत करने के लिए खरीदा है। यह मिसाइल उसकी एंटी-एक्सेस/एरिया-डिनायल रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती है, जिससे वह अपने समुद्री क्षेत्रों की बेहतर निगरानी और सुरक्षा कर सकेगा। इस अभ्यास में फिलीपींस की कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट भी हिस्सा ले रही है, जो उत्तरी लुजोन क्षेत्र में संयुक्त समुद्री ऑपरेशन के दौरान इस तकनीक का उपयोग करेगी।

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