8वें वेतन आयोग का फैसला, कर्मचारी आराम से दे सकेंगे अपनी मांगें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। आयोग ने सुझाव और मांगें भेजने की प्रक्रिया में राहत देते हुए इसकी अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया है। इससे कर्मचारियों को अपनी बात रखने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

डेडलाइन में बढ़ोतरी

पहले 30 अप्रैल 2026 तक सुझाव भेजने की अंतिम तारीख तय थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया गया है। यानी अब एक महीने का अतिरिक्त समय मिल गया है, जिससे ज्यादा लोग अपनी राय दर्ज करा सकेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल पर अधिक दबाव के कारण कई बार तकनीकी समस्याएं सामने आ रही थीं और कई कर्मचारी समय पर आवेदन नहीं कर पा रहे थे।

सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया मान्य

वेतन आयोग ने साफ किया है कि सुझाव देने का एकमात्र तरीका ऑनलाइन पोर्टल ही रहेगा। किसी भी तरह का ईमेल, लिखित पत्र या पीडीएफ फाइल स्वीकार नहीं की जाएगी। इसका मकसद प्रक्रिया को एक समान और पारदर्शी बनाए रखना है।

किन लोगों को शामिल किया गया है

इस प्रक्रिया में केंद्र सरकार के अलग-अलग वर्गों को शामिल किया गया है। इसमें केंद्रीय कर्मचारी, सशस्त्र बलों के जवान, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारी और पेंशनर्स शामिल हैं। साथ ही कई सरकारी संगठन और कर्मचारी संघ भी अपनी राय भेज सकते हैं।

आयोग का काम और आगे की प्रक्रिया

8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। इसका मुख्य काम कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और सेवा शर्तों की समीक्षा करना है। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है।

नए वेतन आयोग को लेकर बैठकों का दौर जारी

इस समय आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ चर्चा कर रहा है। हाल ही में हुई बैठकों में वेतन संरचना और अन्य सुविधाओं पर विस्तार से विचार हुआ है। आने वाले महीनों में रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया और तेज हो सकती है।

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