पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण
इन सभी सड़कों का निर्माण पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत DBFOT (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर) मॉडल पर किया जाएगा। यानी निजी कंपनियां सड़क बनाएंगी और टोल के जरिए अपनी लागत वसूलेंगी, जबकि सरकार जमीन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगी।
1. नारायणी पथ: सारण से गोपालगंज तक
सारण जिले के दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक करीब 73.51 किलोमीटर लंबी चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क बनाई जाएगी। इसे 'नारायणी पथ' नाम दिया गया है। यह सड़क सोनपुर के प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर और प्रस्तावित एयरपोर्ट को जोड़ते हुए क्षेत्र में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।
2. विश्वामित्र गंगा पथ: बक्सर से कोईलवर तक
दूसरी परियोजना के तहत बक्सर से आरा-मनेर होते हुए कोईलवर तक करीब 90 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इसे 'विश्वामित्र गंगा पथ' कहा जाएगा। यह सड़क पटना के जेपी गंगा पथ से जुड़ेगी, जिससे पटना से बक्सर और आसपास के क्षेत्रों तक यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी।
3. गयाजी अंबिका पथ: पुल और पहुंच मार्ग
तीसरी परियोजना गयाजी में कोठवारा बाजार से इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के बीच फल्गु नदी पर दो लेन के पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण से जुड़ी है। इस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। यह सड़क डोभी-चतरा एनएच-99 और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ेगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
0 comments:
Post a Comment