हाल ही में पदभार संभालने के बाद विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जमीन सर्वे से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह विभाग सीधे जनता से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
हर जिले में अधिकारियों की तैनाती
सरकार ने सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। इन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर काम की निगरानी करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि सर्वेक्षण प्रक्रिया तय समय में पूरी हो।
हर शनिवार होगा जिलों का दौरा
अपर सचिव आजीव वत्सराज के अनुसार, नियुक्त अधिकारी हर शनिवार अपने आवंटित जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे जमीन सर्वे की प्रगति की समीक्षा करेंगे, स्थानीय समस्याओं को समझेंगे और मौके पर ही समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। इससे काम में पारदर्शिता आएगी और शिकायतों का जल्द निपटारा हो सकेगा।
लंबित मामलों पर विशेष फोकस
विभाग ने साफ किया है कि जो मामले लंबे समय से लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द निपटाना प्राथमिकता होगी। जमीन विवाद, रिकार्ड अपडेट और सर्वे से जुड़े अन्य कार्यों को सरल और तेज बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
आम लोगों को होगा फायदा?
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ आम जनता को मिलेगा। जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी, कागजी प्रक्रिया आसान होगी और लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। साथ ही, सही रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से भी बचाव होगा।
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