सीएम सम्राट चौधरी की बड़ी तैयारी: बिहार में नई व्यवस्था होगी लागू

पटना। बिहार में नई एनडीए सरकार के तहत प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की दिशा में काम तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार राज्य की पुरानी कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की तैयारी कर रही है। इसी क्रम में 47 साल पुरानी कार्यपालिका नियमावली को हटाकर नई कार्यपालिका नियमावली 2026 लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव

राज्य में मौजूदा प्रशासनिक नियम 1979 में बनाए गए थे, जिन्हें समय-समय पर संशोधित तो किया गया, लेकिन बदलते दौर की जरूरतों के अनुसार यह पूरी तरह अपडेट नहीं हो पाए। अब सरकार इन्हें पूरी तरह नए स्वरूप में ढालने की तैयारी कर रही है, ताकि सरकारी कामकाज ज्यादा तेज, पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

नई नियमावली का उद्देश्य

सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक प्रणाली को आधुनिक तकनीक और वर्तमान जरूरतों के अनुसार ढालना है। नई कार्यपालिका नियमावली के तहत विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा और अनावश्यक नियमों को हटाया जाएगा। इससे सरकारी कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

सभी विभागों को मिला निर्देश

मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभाग प्रमुखों से कहा गया है कि वे अपने-अपने विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करें। ऐसे कार्य जिनकी अब उपयोगिता नहीं रह गई है, उन्हें चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही उन कार्यों को भी नई व्यवस्था में शामिल किया जाएगा जो वर्तमान में अलग-अलग विभागों में बिखरे हुए हैं, ताकि समन्वय बेहतर हो सके।

प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की योजना

नई नियमावली के जरिए सरकार का लक्ष्य एक ऐसी प्रणाली तैयार करना है, जिसमें निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हो और फाइलों के निपटारे में देरी न हो। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को भी सरकारी सेवाओं का लाभ जल्दी मिलेगा।

डिजिटल और आधुनिक व्यवस्था पर ज्यादा जोर

सरकार नई कार्यपालिका व्यवस्था में डिजिटल तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। इससे विभागों के बीच सूचना का आदान-प्रदान आसान होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

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