500 से ज्यादा स्थान होंगे हाईटेक
प्रस्तावित योजना के तहत राज्य के प्रमुख हाईवे, व्यस्त चौराहों, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और खनन इलाकों को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इन स्थानों पर अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, जो 24 घंटे निगरानी कर ट्रैफिक की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
PPP मॉडल पर लागू होगी योजना
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल और रेवेन्यू शेयरिंग व्यवस्था के तहत लागू किया जाएगा। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में देश-विदेश की 42 कंपनियों ने रुचि दिखाई है, जिससे इसके सफल और तकनीकी रूप से मजबूत होने की उम्मीद बढ़ गई है।
AI तकनीक से बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम
इस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का उपयोग किया जाएगा। कैमरे वाहनों की गतिविधियों को स्वतः पहचानेंगे और नियम तोड़ने वालों पर नजर रखेंगे। इससे ट्रैफिक प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगा।
नए सिस्टम से अपने आप कटेगा ई-चालान
ITMS के तहत ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहनों के नंबर प्लेट को पढ़कर नियम उल्लंघन की पहचान करेंगे। इसके बाद बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वतः ई-चालान जारी हो जाएगा। इससे नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी।
10 साल तक संचालन और रखरखाव की व्यवस्था
सरकार इस परियोजना को दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लागू कर रही है। इसे 10 वर्षों तक संचालन और रखरखाव के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि सिस्टम लगातार प्रभावी बना रहे और तकनीकी रूप से अपडेट होता रहे। इस हाईटेक सिस्टम के लागू होने से दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

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