पेंशनर्स के लिए खुशखबरी: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों, खासकर पेंशनधारियों के लिए एक अहम कदम उठाया है, जिससे उनकी टैक्स से जुड़ी परेशानियां काफी हद तक कम हो सकती हैं। नए प्रावधानों के तहत अब 75 साल या उससे अधिक उम्र के कुछ बुजुर्गों को हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की अनिवार्यता से राहत दी जा रही है। यह बदलाव अप्रैल 2026 से लागू माना जा रहा है और इसका उद्देश्य बुजुर्गों को सरल और सम्मानजनक टैक्स व्यवस्था देना है।

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

यह सुविधा सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए नहीं है, बल्कि केवल उन लोगों के लिए है जो कुछ शर्तों को पूरा करते हैं। लाभ पाने के लिए व्यक्ति की उम्र 75 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और वह भारत का निवासी होना चाहिए। इसके अलावा उसकी आय केवल दो स्रोतों से होनी चाहिए पेंशन और बैंक से मिलने वाला ब्याज।

एक और जरूरी शर्त यह है कि पेंशन और ब्याज दोनों उसी बैंक खाते में आएं, जिसे सरकार द्वारा 'स्पेसिफाइड बैंक' के रूप में मान्यता दी गई हो। यदि किसी व्यक्ति की आय किराया, शेयर बाजार, बिजनेस या अन्य माध्यमों से भी होती है, तो उसे इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

फॉर्म 125 क्या है और कैसे करेगा मदद?

सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए फॉर्म नंबर 125 की व्यवस्था की है। इस फॉर्म को भरकर बैंक में जमा करने के बाद टैक्स से जुड़ा अधिकांश काम बैंक खुद संभाल लेता है। बैंक आपकी कुल आय का आकलन करता है, लागू छूट और रिबेट को घटाता है और बची हुई राशि पर टैक्स काटकर सरकार को जमा कर देता है। इस तरह पेंशनर्स को अलग से ITR फाइल करने या टैक्स एक्सपर्ट की मदद लेने की जरूरत नहीं पड़ती।

फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया

इस फॉर्म को उसी बैंक में जमा करना होगा जहां पेंशन आती है। प्रक्रिया को आसान रखने के लिए इसे ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध कराया गया है।

बैंक शाखा में जाकर फॉर्म जमा किया जा सकता है। 

या नेट बैंकिंग के माध्यम से ऑनलाइन सबमिट किया जा सकता है। 

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फॉर्म हर साल एक बार जमा करना जरूरी होगा।

आय में बदलाव होने पर क्या करें?

अगर साल के दौरान आपकी आय में कोई नया स्रोत जुड़ जाता है जैसे प्रॉपर्टी बेचने से आय, किराया या निवेश से कमाई तो आपको तुरंत बैंक को इसकी जानकारी देनी होगी। ऐसी स्थिति में आपको अपना डिक्लेरेशन अपडेट या वापस लेना पड़ सकता है। इसके बाद आपको सामान्य प्रक्रिया के तहत खुद ITR फाइल करना होगा।

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