जहां कई देश महंगाई और सप्लाई चेन संकट से जूझ रहे हैं, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। सरकार की रणनीति ने निर्यात को बढ़ावा देकर देश को वैश्विक व्यापार में मजबूत स्थिति दिलाई है।
नौ देशों के साथ व्यापार समझौते
भारत ने अब तक कई देशों के साथ एफटीए साइन किए हैं, जिनमें मॉरिशस, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA), ब्रिटेन, ओमान, यूरोपीय संघ, अमेरिका और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। इन समझौतों ने भारतीय उत्पादों के लिए नए बाजार खोले हैं।
1. मॉरिशस
भारत का किसी अफ्रीकी देश के साथ यह पहला बड़ा आर्थिक समझौता माना जाता है। इस डील से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है। भारत को मॉरिशस के वित्तीय और निवेश बाजार में बेहतर पहुंच मिली है।
2. संयुक्त अरब अमीरात
2022 में हुआ यह समझौता बेहद महत्वपूर्ण रहा। इसके तहत दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा और लक्ष्य रखा गया कि व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंचे। भारतीय उत्पादों को मध्य पूर्व के बड़े बाजार में मजबूत पहुंच मिली।
3. ऑस्ट्रेलिया
इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिला क्योंकि कई उत्पादों पर टैरिफ कम या खत्म कर दिया गया। खासकर टेक्सटाइल, कृषि और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए ऑस्ट्रेलिया में बाजार खुला।
4. EFTA देश (TEPA समझौता)
European Free Trade Association (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन) के साथ हुआ यह समझौता निवेश आधारित है। इसके तहत अगले 15 वर्षों में भारत में बड़े पैमाने पर निवेश आने की उम्मीद है और कई उत्पादों पर व्यापार आसान हुआ है।
5. ब्रिटेन (India-UK FTA)
यह भारत के लिए एक बड़ा रणनीतिक समझौता माना जाता है। इसके तहत लगभग 99% भारतीय निर्यात को ब्रिटेन में टैरिफ फ्री एक्सेस मिला है। लक्ष्य है कि 2030 तक दोनों देशों का व्यापार 120 अरब डॉलर तक पहुंचे।
6. ओमान (India-Oman CEPA)
इस समझौते के तहत दोनों देशों ने एक-दूसरे के लिए बड़े स्तर पर टैरिफ कम किए हैं। भारत को ओमान के बाजार में लगभग 95% उत्पादों पर आसान पहुंच मिली है, जिससे ऊर्जा और व्यापार संबंध मजबूत हुए हैं।
7. यूरोपीय संघ (India-EU FTA)
European Union के साथ यह सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता माना जाता है। इसके तहत लगभग 90% उत्पादों पर टैरिफ कम या खत्म किया गया है। भारतीय टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिला है।
8. अमेरिका (India-US Trade Framework)
अमेरिका के साथ हुए समझौते में टैरिफ को कम करने और व्यापार को आसान बनाने पर सहमति बनी। अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगे एक्स्ट्रा 25% टैरिफ को हटा दिया और रेसिप्रोकल टैरिफ को भी 25% से घटाकर 18% कर दिया है।
9. न्यूजीलैंड (India-New Zealand FTA)
यह सबसे नया समझौता है, जिसे तेजी से पूरा किया गया। इसके तहत न्यूजीलैंड ने भारत को लगभग जीरो टैरिफ एक्सेस देने पर सहमति जताई है और दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
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