केंद्र सरकार का फैसला: गेहूं किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के कृषि और व्यापार क्षेत्र से एक अहम फैसला सामने आया है, जिससे गेहूं उत्पादक किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने गेहूं निर्यात को लेकर अपनी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए अतिरिक्त निर्यात की अनुमति दे दी है। इस निर्णय के बाद किसानों, व्यापारियों और निर्यात से जुड़े उद्योगों में नई उम्मीदें जगी हैं।

25 लाख टन अतिरिक्त गेहूं निर्यात को मंजूरी

वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत DGFT ने अधिसूचना जारी करते हुए 25 लाख टन अतिरिक्त गेहूं के निर्यात की अनुमति दी है। इसके साथ ही अब कुल निर्यात सीमा बढ़कर लगभग 50 लाख टन गेहूं और 10 लाख टन गेहूं उत्पादों तक पहुंच गई है। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब घरेलू उत्पादन मजबूत स्थिति में है और स्टॉक भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

पहले से लागू है नियंत्रित निर्यात नीति

हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि गेहूं अभी भी प्रतिबंधित श्रेणी में ही रहेगा। इसका मतलब है कि सामान्य निर्यात पर रोक जारी रहेगी, लेकिन तय सीमा के भीतर विशेष अनुमति के तहत निर्यात संभव होगा। इससे घरेलू बाजार में संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मांग को भी पूरा किया जा सकेगा।

जरूरत पड़ने पर और भी निर्यात

DGFT ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी देश द्वारा खाद्य सुरक्षा के तहत भारत से सहायता की मांग की जाती है, तो सरकार विशेष अनुमति देकर अतिरिक्त निर्यात की अनुमति दे सकती है। इससे भारत वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।

मजबूत उत्पादन से मिला आधार

कृषि मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, 2025-26 के रबी सीजन में देश का गेहूं उत्पादन लगभग 120 मिलियन टन तक पहुंचने की संभावना है। पिछले वर्ष की तुलना में यह उत्पादन बेहतर माना जा रहा है। बढ़े हुए कृषि क्षेत्र और अनुकूल मौसम ने उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गेहूं की खेती का रकबा भी बढ़कर 33.41 मिलियन हेक्टेयर तक पहुंच गया है।

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