यूपी सरकार का बड़ा कदम: इन शिक्षकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक अहम और राहत भरा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत विशेष शिक्षकों (स्पेशल एजुकेटर्स) की लंबे समय से लंबित मांग को अब मंजूरी मिल गई है। इस निर्णय से न केवल शिक्षकों को स्थायित्व मिलेगा, बल्कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।

434 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति को हरी झंडी

सरकार ने कुल 434 विशेष शिक्षकों की नियमित नियुक्ति को स्वीकृति दे दी है। ये सभी शिक्षक पहले से संविदा पर विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत थे और अब इन्हें स्थायी दर्जा मिलने जा रहा है।

संविदा से नियमित, बढ़ेगा वेतन

इस फैसले के बाद इन शिक्षकों की स्थिति संविदा से बदलकर नियमित हो जाएगी। साथ ही उन्हें लगभग 62,500 रुपये मासिक वेतन मिलने की व्यवस्था की गई है, जिससे उनके आर्थिक और पेशेवर जीवन में स्थिरता आएगी।

पार्थ सारथी सेन ने दिए निर्देश

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन ने बेसिक शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाए।

चयन प्रक्रिया कैसे हुई?

इस भर्ती प्रक्रिया में स्क्रीनिंग समिति ने पहले 540 अभ्यर्थियों को योग्य माना था। इनमें से दस्तावेज और योग्यता के आधार पर 434 उम्मीदवारों का अंतिम चयन किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर

यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से जुड़ा है, जिसमें कहा गया था कि सामान्य स्कूलों में भी दिव्यांग बच्चों के लिए प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों की व्यवस्था जरूरी है। साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात भी निर्धारित किया गया था, ताकि पढ़ाई की गुणवत्ता बनी रहे।

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