यूपी में जमीन रजिस्ट्री अब मिनटों में, रैयतों के लिए बड़ी खुशखबरी

नोएडा।  उत्तर प्रदेश में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। खासकर नोएडा में निबंधन विभाग ने नई तकनीक अपनाते हुए अब फिंगरप्रिंट की जगह आंखों की स्कैनिंग यानी आइरिस स्कैन से पहचान सत्यापन की सुविधा शुरू कर दी है। इससे आम लोगों, खासकर बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलने लगी है।

फिंगरप्रिंट की दिक्कत से मिली छुटकारा

अब तक रजिस्ट्री के दौरान फिंगरप्रिंट मिलान न होने की समस्या आम थी। उम्र बढ़ने या उंगलियों के निशान साफ न होने के कारण कई लोगों की रजिस्ट्री प्रक्रिया बार-बार अटक जाती थी। इससे घंटों इंतजार करना पड़ता था और कई बार काम अधूरा रह जाता था। नई व्यवस्था ने इस परेशानी को काफी हद तक खत्म कर दिया है।

आइरिस स्कैन से तुरंत सत्यापन

नई प्रणाली के तहत अब आंखों की पुतली (आइरिस) को स्कैन करके पहचान की पुष्टि की जा रही है। यह तकनीक अधिक सटीक मानी जाती है और इसमें गड़बड़ी की संभावना बेहद कम होती है। फिलहाल रोजाना कई रजिस्ट्रियां इसी तकनीक के जरिए सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

बुजुर्गों को सबसे ज्यादा फायदा

यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें पहले फिंगरप्रिंट के कारण सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब उन्हें बार-बार मशीन पर उंगली रखने या लंबा इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती।

प्रक्रिया बनी तेज और पारदर्शी

निबंधन विभाग ने पूरे सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़कर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने की कोशिश की है। इससे रजिस्ट्री में लगने वाला समय घटा है और काम तेजी से पूरा हो रहा है।

लंबी प्रक्रिया से मिला छुटकारा

पहले फिंगरप्रिंट मैच न होने पर तीन-चार बार प्रयास करना पड़ता था, जिससे अन्य लोगों की रजिस्ट्रियां भी प्रभावित होती थीं। अब आइरिस स्कैन के जरिए यह प्रक्रिया तेजी से पूरी हो रही है और भीड़-भाड़ भी कम हो रही है।

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