ट्रंप ने लगाया संघर्षविराम उल्लंघन का आरोप
राष्ट्रपति ने ईरान पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया गोलीबारी इस समझौते के खिलाफ है। विदेशी जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को उन्होंने गंभीर बताया और इसे अस्वीकार्य करार दिया।
एक ही बयान में चेतावनी और बातचीत
दिलचस्प बात यह रही कि ट्रंप ने अपने बयान में दो अलग-अलग संकेत दिए। एक ओर उन्होंने कड़े सैन्य कदम उठाने की बात कही, वहीं दूसरी ओर बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द ही वार्ता के लिए रवाना हो रहा है।
पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता
अमेरिका की ओर से प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान पहुंचकर ईरान के साथ बातचीत करने की बात कही गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं और समझौते की संभावना बनी हुई है।
आर्थिक दबाव की रणनीति
अमेरिकी पक्ष का दावा है कि होर्मुज क्षेत्र में हालात का असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। तेल और व्यापार से होने वाले नुकसान का हवाला देते हुए अमेरिका इसे दबाव की रणनीति के तौर पर देख रहा है।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
राष्ट्रपति ने यह भी साफ किया कि यदि ईरान प्रस्तावित समझौते को स्वीकार नहीं करता, तो अमेरिका बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि इस बार किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

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