केंद्र सरकार ने दी सौगात: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, टेंशन दूर

नई दिल्ली। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए केंद्र सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। अब खराब मौसम के कारण नुकसान झेल रहे किसानों का गेहूं भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा। यह कदम खासकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के किसानों के लिए बड़ी मदद माना जा रहा है।

खराब गेहूं की भी होगी खरीद

इस बार कई इलाकों में बारिश और ओलों की वजह से गेहूं की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। दाने सिकुड़ गए हैं और उनकी चमक भी कम हो गई है। ऐसे में किसानों को डर था कि उन्हें अपनी फसल कम कीमत पर बेचनी पड़ेगी। लेकिन नए फैसले के अनुसार, 70% तक गुणवत्ता प्रभावित गेहूं को भी सरकार MSP पर खरीदेगी। यानी किसानों को अब नुकसान की चिंता कुछ हद तक कम होगी।

नियमों में दी गई ढील

सरकार ने खरीद मानकों में भी बदलाव किया है। अब टूटे और सिकुड़े दानों की सीमा 6% से बढ़ाकर 15% कर दी गई है। इससे ज्यादा प्रभावित फसल भी खरीद व्यवस्था के दायरे में आ सकेगी। हालांकि कुल गुणवत्ता मानकों को संतुलित रखने की शर्तें अभी भी लागू रहेंगी।

तय हुआ MSP रेट

2026–27 के रबी सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। इसी दर पर प्रभावित गेहूं की भी खरीद होगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

राज्यों पर भी जिम्मेदारी

केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस छूट के कारण अगर किसी तरह का अतिरिक्त खर्च या नुकसान होता है, तो उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। खरीदे गए गेहूं को अलग भंडारण में रखा जाएगा और उसके निपटान की व्यवस्था भी राज्यों को करनी होगी।

किसानों के लिए राहत की उम्मीद

इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी जिनकी फसल मौसम की मार से खराब हो गई थी। अब उन्हें मजबूरी में कम दाम पर अनाज बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार का यह कदम किसानों की आय को सुरक्षित रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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