जांच पूरी होने तक नहीं बदले जाएंगे मीटर
पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जब तक तकनीकी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक पुराने मीटर यथावत लगे रहेंगे। हालांकि, नए बिजली कनेक्शन जारी करने के लिए स्मार्ट मीटर का ही उपयोग किया जाएगा।
चार सदस्यीय समिति कर रही जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता जांचने के लिए एक उच्च स्तरीय चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस समिति में तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो मीटरों की कार्यप्रणाली, सटीकता और कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याओं की जांच करेंगे।
शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
हाल के महीनों में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से कई तरह की शिकायतें सामने आई थीं। इनमें बिलिंग की सटीकता, नेटवर्क कनेक्टिविटी और तकनीकी खराबियों से जुड़ी समस्याएं प्रमुख थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने जांच के आदेश दिए।
प्रदेश में लग चुके हैं लाखों स्मार्ट मीटर
राज्य में अब तक बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। ऐसे में इनकी गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच यह जांच प्रक्रिया अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए या उसमें कुछ सुधार किए जाएं।

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