बिहार में जल्द लागू होंगे नए लेबर कोड, श्रमिकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में श्रमिकों के हितों को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही नए लेबर कोड लागू किए जाएंगे, जिससे राज्य के लाखों श्रमिकों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

हाल ही में पटना स्थित दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विभाग के सचिव दीपक आनंद ने बताया कि सरकार प्रवासी श्रमिकों के लिए एक व्यापक डेटा बैंक तैयार करने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य राज्य के अंदर और बाहर काम कर रहे श्रमिकों की सटीक जानकारी जुटाना है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण होगा अनिवार्य

सरकार की योजना के तहत अब अन्य राज्यों या विदेशों में काम कर रहे श्रमिकों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। इससे न केवल उनकी पहचान सुनिश्चित होगी, बल्कि आपात स्थिति में उन्हें सरकारी सहायता भी तुरंत उपलब्ध कराई जा सकेगी। यह कदम खासकर उन श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाते हैं।

नए श्रम कानूनों पर तेज़ी से काम

विभाग के अनुसार, नई श्रम संहिताओं को लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल्द ही इसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इन नए नियमों के लागू होने के बाद श्रमिकों के अधिकारों, सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार होने की संभावना है।

निर्माण श्रमिकों को सीधा लाभ

कार्यक्रम में अधिकारियों ने निर्माण श्रमिकों से अपील की कि वे बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराएं। इस बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों को 16 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है, जिसमें आर्थिक सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं।

न्यूनतम मजदूरी को लेकर सख्ती

श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी नियोजकों के लिए न्यूनतम मजदूरी देना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इससे श्रमिकों के शोषण पर रोक लगेगी और उन्हें उनके काम के अनुसार उचित पारिश्रमिक मिलेगा।

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