तीन दिन में मांगा गया पूरा डेटा
इस नई प्रणाली को लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों ने सभी स्कूलों से निर्देश दिया है कि वे अपने यहां कार्यरत लिपिक और परिचारियों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराएं। इस डेटा के आधार पर ही आगे की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था शुरू की जाएगी।
वेतन और सेवा रिकॉर्ड से जुड़ी हाजरी
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब कर्मचारियों का वेतन भुगतान और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड उनकी ऑनलाइन उपस्थिति से ही तय होंगे। यानी अगर किसी कर्मचारी की हाजरी पोर्टल पर दर्ज नहीं होगी, तो इसका सीधा असर उसके वेतन और सेवा अभिलेखों पर पड़ सकता है। इससे स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत
विभाग ने इस व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित स्कूल प्रमुखों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इससे साफ है कि सरकार इस सिस्टम को पूरी गंभीरता से लागू करना चाहती है।
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