किन एक्सप्रेसवे पर फोकस?
सरकार जिन चार प्रमुख लिंक एक्सप्रेसवे को प्राथमिकता दे रही है, उनमें शामिल हैं:
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे
पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे
झांसी लिंक एक्सप्रेसव
इन एक्सप्रेसवे का उद्देश्य बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क को आपस में जोड़ना है, जिससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच यात्रा तेज, आसान और सुरक्षित हो सके।
50 हजार करोड़ की परियोजनाएं
राज्य सरकार लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं पर एक साथ काम कर रही है। इसमें एक्सप्रेसवे के अलावा औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक हब और शहरी विकास से जुड़ी योजनाएं भी शामिल हैं। एक्सप्रेसवे निर्माण की लागत औसतन 50 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर आंकी जा रही है, जो इन परियोजनाओं के बड़े पैमाने को दर्शाती है।
जमीन अधिग्रहण में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो। यदि मुआवजा दरों में संशोधन की आवश्यकता हो, तो उसका प्रस्ताव तुरंत भेजा जाए। किसानों और जमीन मालिकों के साथ सीधे संवाद पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिले और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
अन्य एक्सप्रेसवे भी होंगे तेज
इन चार लिंक एक्सप्रेसवे के अलावा विंध्य एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे और नोएडा-जेवर एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के लिए भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे प्रदेश में एक मजबूत और व्यापक सड़क नेटवर्क तैयार होगा।

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