खरीदी प्रक्रिया को बनाया जा रहा सरल
सरकार का फोकस इस बार खरीदी प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने पर है। इसके लिए लगातार समीक्षा बैठकों के जरिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, ताकि किसानों को समय पर भुगतान और उपज का उठाव सुनिश्चित हो सके।
स्लॉट बुकिंग की समस्या का समाधान
शुरुआत में किसानों को स्लॉट बुकिंग में दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब सिस्टम को बेहतर बनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक दूर कर दिया गया है। अधिकांश किसानों के स्लॉट बुक हो चुके हैं और बाकी किसानों के लिए भी प्रक्रिया जारी है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी किसानों को सुविधा मिल जाएगी।
पट्टे पर खेती करने वालों को भी राहत
इस बार सरकार ने लीज पर खेती करने वाले किसानों को भी राहत दी है। जमीन के मालिक की पुष्टि के बाद ऐसे किसानों की फसल भी खरीदी जा रही है। इससे उन किसानों को बड़ा सहारा मिला है, जो खुद की जमीन के बिना खेती करते हैं।
बारदाना और संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि बारदानों की कमी न हो। जरूरत के अनुसार नए और पुराने दोनों तरह के बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई है और एक केंद्र पर खरीदी की सीमा को बढ़ाकर 2250 क्विंटल तक कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी।
कंट्रोल रूम से मिलेगी तुरंत मदद
किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए कलेक्ट्रेट स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। यहां किसान अपनी समस्याएं दर्ज कराकर तुरंत समाधान पा सकते हैं।
.png)
0 comments:
Post a Comment