खबर के अनुसर यूनाइटेड नेशन्स के ये पांच स्थायी सदस्य देश वीटो का इस्तेमाल कर किसी भी प्रस्ताव को पारित करने के लिए करते हैं। वहीं, वीटो पावर वाले देश किसी प्रस्ताव के खिलाफ हैं और वो नहीं चाहते हैं कि वो पारित हो तो वीटो का इस्तेमाल कर उसे रोक सकते हैं।
बता दें की वर्त्तमान समय में भारत वीटो पावर का सबसे बड़ा दावेदार हैं। अभी जिन 5 देशों के पास ये पावर हैं, उनमें से 4 का मानना है कि भारत को भी ये शक्ति मिलनी चाहिए और वो स्थायी सदस्य बनने का हकदार है। हालांकि चीन भारत की स्थायी सदस्यता का विरोध करता है।
वहीं, भारत के अलावे ब्राजील, जर्मनी और जापान भी इस शक्तिशाली संस्था के स्थायी सदस्य बनने के प्रबल दावेदार हैं। ये देश सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार की लंबे समय से पैरोकारी कर रहे हैं। ये देश आर्थिक रूप से भी दुनिया में काफी मजबूत हैं।

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