1. प्राथमिक शीघ्रपतन (Primary Premature Ejaculation)
यह तब होता है जब व्यक्ति की पहली बार यौन संबंध बनाने के समय से ही शीघ्रपतन की समस्या होती है। अक्सर यह मानसिक कारणों से होता है, जैसे कि तनाव या चिंता।
2. माध्यमिक शीघ्रपतन (Secondary Premature Ejaculation)
यह तब होता है जब व्यक्ति ने पहले सामान्य स्खलन का अनुभव किया हो, लेकिन बाद में किसी कारणवश (जैसे तनाव, स्वास्थ्य समस्या) शीघ्रपतन की समस्या विकसित हो जाती है।
3. अव्यवस्थित शीघ्रपतन (Situational Premature Ejaculation)
यह स्थिति विशेष परिस्थितियों में होती है, जैसे नई साथी के साथ यौन संबंध बनाते समय। यह तनाव या उत्तेजना के कारण हो सकता है।
4. दवा या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से शीघ्रपतन (Medication-Induced Premature Ejaculation)
कुछ दवाएं या स्वास्थ्य समस्याएँ (जैसे हार्मोनल असंतुलन) शीघ्रपतन का कारण बन सकती हैं। दवाओं के प्रभाव के कारण स्खलन समय में कमी आ जाती है।
शीघ्रपतन दूर करने के उपाय।
1 .योग, ध्यान, और श्वसन तकनीकें अपनाएं, ये मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती हैं।
2 .सकारात्मक सोच: अपने साथी के साथ खुलकर बात करें और रिश्ते को सकारात्मक बनाएं।
3 .आप रात में सोते समय दूध के साथ अश्वगंधा, सफेद मूसली आदि को मिलाकर सेवन करें।
4 .आप शिलाजीत, बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, अनार आदि का सेवन कर सकते हैं।
5 .अगर समस्या गंभीर है, तो किसी यौन चिकित्सक या मनोवैज्ञानिक से संपर्क करें।

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