भारत की 'हाइपरसोनिक पावर' से दुनिया हैरान!

नई दिल्ली: भारत की हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी ने वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय, केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, भारत, और रूस ने ही अभी तक हाइपरसोनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। 

क्या है हाइपरसोनिक हथियार : हाइपरसोनिक हथियार वे हथियार होते हैं जो ध्वनि की गति से पांच गुना (मैक 5) या उससे अधिक की गति से यात्रा कर सकते हैं। इन हथियारों की गति और गति के कारण उन्हें पारंपरिक मिसाइलों की तुलना में अधिक कठिन और तेज़ी से लक्ष्य को भेदने की क्षमता होती है।

हाइपरसोनिक हथियार का टेस्ट : भारत ने 27 जनवरी, 2023 को ओडिशा के तट पर हाइपरसोनिक हथियार का टेस्ट किया था। इसे HSTDV (हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी प्रदर्शनकारी वाहन) कहा जाता है। यह स्क्रैमजेट इंजन से चलता है। 

भारत बना रहा हाइपरसोनिक हथियार: एक रिपोर्ट के मुताबिक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) सैन्य बलों के लिए हाइपरसोनिक मिसाइलें विकसित करने की प्रक्रिया में है। ये हथियार भारत की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करेंगे, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।

हाइपरसोनिक हथियार से वैश्विक प्रतिस्पर्धा:

हाइपरसोनिक हथियारों का विकास भारत को वैश्विक मंच पर तकनीकी रूप से सक्षम और सशक्त बनाने में मदद करेगा और भारत को एक मजबूत देश के रूप में स्थापित करेगा। बता दें की चीन के पास पहले से ही हाइपरसोनिक मिसाइल मौजूद हैं।

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