योजना की मुख्य विशेषताएं:
1 .वित्तीय सहायता: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत परियोजना लागत के 35% तक क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी प्रदान की जाती है। यही नहीं, एफपीओ/एसएचजी/उत्पादक सहकारी समितियों को पूंजी निवेश के लिए 35% का ऋण लिंक्ड अनुदान भी दिया जाता है।
2 .स्वयं सहायता समूहों को बीज पूंजी: इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को 40,000 रुपये की बीज पूंजी प्रदान की जाती है, ताकि वे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की शुरुआत कर सकें।
3 .साझा बुनियादी ढांचा और सहायता: यह योजना उद्योगों को विपणन, ब्रैंडिंग, और साझा बुनियादी ढांचा स्थापित करने में भी मदद करती है। इसके द्वारा खाद्य उद्योगों को तकनीकी और व्यावसायिक सहायता भी प्रदान की जाती है।
4 .प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: योजना के तहत प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर भी जोर दिया गया है, ताकि छोटे उद्यमी अपने व्यवसाय को सही दिशा में चला सकें और उसे बढ़ा सकें।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया:
इस योजना का लाभ वे सभी लोग उठा सकते हैं जो खाद्य उद्योग से जुड़ी गतिविधियों में रुचि रखते हैं। इसके लिए आवेदक को आठवीं कक्षा पास होना आवश्यक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए सिविल ठीक होने की शर्त है, और आवेदन में आरटीआर की आवश्यकता नहीं होती है। आवेदन करने के लिए व्यक्ति को जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में संपर्क करना होता है।
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