बिहार में कट्ठा-बीघा-धुर से जानें जमीन का आकार!

पटना: बिहार में जमीन की माप का पारंपरिक तरीका कट्ठा, बीघा, और धुर पर आधारित है। ये शब्द ना केवल स्थानीय स्तर पर समझे जाते हैं, बल्कि कृषि और भूमि संबंधित मामलों में ये माप काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह माप प्रणाली खासतौर पर बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों में बहुत प्रचलित है, और इसके माध्यम से लोग अपनी ज़मीन का आकार और मूल्य समझते हैं।

कट्ठा-बीघा-धुर की माप प्रणाली

1. धुर: धुर, बिहार में ज़मीन के माप की सबसे छोटी इकाई है। यह क्षेत्रफल के मामले में काफी छोटा होता है, और इसके आधार पर ज़मीन की माप की शुरुआत की जाती है। बिहार में एक धुर की माप लगभग 37.5 से लेकर 100 वर्ग फ़ुट तक होती है।

1 धुर = 37.5 वर्ग फ़ुट से लेकर 100 वर्ग फ़ुट।

2. कट्ठा

कट्ठा ज़मीन मापने की एक और महत्वपूर्ण इकाई है। बिहार में यह माप अधिकतर ज़मीन के बड़े हिस्से के लिए होती है। एक कट्ठा में 20 धुर होते हैं। कट्ठा की माप का क्षेत्रफल बिहार के विभिन्न इलाकों में भिन्न हो सकता है, लेकिन सामान्यत: इसे 750 से लेकर 2,000 वर्ग फ़ुट तक माना जाता है।

1 कट्ठा = 20 धुर जमीन होता हैं।

3. बीघा

बीघा, एक बड़ी और महत्वपूर्ण माप इकाई है, जिसे अक्सर ज़मीन के बड़े टुकड़ों के लिए उपयोग में लाया जाता है। 1 बीघा में 20 कट्ठा होते हैं, और इस प्रकार बीघा का आकार कट्ठा और धुर से कहीं बड़ा होता है। बिहार में एक बीघा की माप का क्षेत्रफल सामान्यत: 15,000 से लेकर 40,000 वर्ग फ़ुट तक होता है।

1 बीघा = 20 कट्ठा जमीन होता हैं।

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