बिहार में जल्द शुरू होंगे 10 नए एयरपोर्ट, तैयारी तेज

पटना: बिहार में हवाई यात्रा का दायरा जल्द ही और अधिक बढ़ने वाला है। राज्य सरकार और उड्डयन मंत्रालय ने मिलकर 10 नए एयरपोर्ट की योजना बनाई है, जिससे न केवल बिहार के बड़े शहरों, बल्कि छोटे शहरों को भी हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा। यह कदम राज्य के नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगा और आसपास के राज्यों, जैसे झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल के यात्रियों के लिए भी सहूलियत का कारण बनेगा।

इन शहरों को मिलेगा एयर कनेक्टिविटी

वर्तमान में बिहार में केवल पटना, गया और दरभंगा में ही हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन अब बिहार के अन्य छोटे और मंझले शहरों को भी हवाई कनेक्टिविटी मिलनी शुरू होगी। जिन शहरों में नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे उनमें पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, जोगबनी, मुंगेर, रक्सौल, गोपालगंज और बिहटा शामिल हैं। इसके अलावा बीरपुर, मधुबनी, सहरसा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर और सुपौल के वाल्मीकिनगर में भी छोटे एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, जहां 19 सीटर विमानों का परिचालन होगा।

पूर्णिया एयरपोर्ट का निर्माण जल्द

पूर्णिया एयरपोर्ट का निर्माण वर्तमान में अंतिम चरण में है और इसे जुलाई 2025 तक शुरू करने की योजना है। यह एयरपोर्ट सीमांचल क्षेत्र के लिए बहुत फायदेमंद होगा, क्योंकि यहां के लोग अब आसानी से हवाई यात्रा कर सकेंगे। इसके साथ ही, झारखंड, पश्चिम बंगाल और नेपाल से आने-जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

बिहटा में नया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

राजधानी पटना के बढ़ते यातायात को देखते हुए बिहटा में एक नया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने की योजना है। यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और यहां से बिहार को नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मिल सकेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने इस एयरपोर्ट का शिलान्यास कर सकते हैं, जिससे न केवल बिहार की हवाई यात्रा की सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

बिहार में हवाई यात्रा सस्ती होगी

नए एयरपोर्टों के निर्माण के बाद बिहार में हवाई यात्रा को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बिहार के छोटे शहरों में सस्ती हवाई यात्रा की सुविधा मिल सकेगी, खासतौर पर उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों में हवाई यात्रा सस्ती दरों पर उपलब्ध कराना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। इस पहल से व्यापार, पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने की संभावना है। व्यापारिक दृष्टिकोण से यह राज्य के विकास में तेजी ला सकता है और बिहार को एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र बना सकता है।

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