बिहार में इन छात्रों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये

पटना: बिहार में शिक्षा क्षेत्र को सशक्त करने के लिए नीतीश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एक ऐतिहासिक बजट पेश किया है। इस बजट में शिक्षा के लिए कुल 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, जो राज्य सरकार की शिक्षा नीति के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। बिहार के छात्रों के लिए यह बजट कई महत्वपूर्ण घोषणाओं के साथ आया है, जिनसे न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि छात्रों के जीवन में भी बदलाव आएगा।

इन छात्रों को हर महीने 2000 रुपये 

बिहार सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए छात्रावास अनुदान की दर को दोगुना करने का भी फैसला लिया है। पहले जहां इन छात्रों को छात्रावास की सुविधा के लिए 1000 रुपये प्रति माह मिलते थे, अब यह राशि बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। इससे इन छात्रों को अपने शिक्षा के खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी और वे बेहतर माहौल में अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। यह पहल समाज के निचले तबके के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है, जो आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा में पीछे रह जाते हैं।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का भी लाभ

नीतीश सरकार ने बिहार के छात्रों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह योजना छात्रों को शिक्षा के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इस योजना के तहत, छात्र बिना किसी गारंटर के लोन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा हासिल करने में कोई रुकावट नहीं आएगी। यह कदम राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने और अधिक से अधिक छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

डिग्री कॉलेजों का विस्तार: 358 प्रखंडों में नए कॉलेज

नीतीश सरकार ने यह भी ऐलान किया है कि बिहार के 358 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। यह कदम ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्रों के लिए बहुत लाभकारी होगा, जो अब तक उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते थे। इससे छात्रों को न केवल बेहतर शैक्षिक अवसर मिलेंगे, बल्कि उन्हें अपने घर के नजदीक ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे यात्रा की परेशानियों और खर्चों में भी कमी आएगी।

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