बिहार में वाहन मालिक 31 मार्च तक करा लें ये काम

पटना: बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में वाहन मालिकों को 31 मार्च 2025 तक अपनी वाहनों पर हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाने के लिए अनिवार्य किया गया है। बिहार परिवहन विभाग ने इस कदम को लागू करने का निर्णय लिया है ताकि राज्य में यातायात नियमों का पालन सख्ती से किया जा सके और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। 

HSRP क्या है और क्यों है यह अनिवार्य?

HSRP (हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) एक खास प्रकार की एल्यूमीनियम प्लेट होती है, जिसमें होलोग्राम और यूनिक कोड होता है। यह एक सुरक्षित और विशिष्ट पहचान प्रणाली के रूप में काम करती है, जो वाहन की पहचान को सुनिश्चित करने के लिए बनाई जाती है। इस प्लेट को लगाने का मुख्य उद्देश्य वाहन की सुरक्षा बढ़ाना और यातायात प्रबंधन को सरल बनाना है।

HSRP की मदद से वाहन चोरी को रोकने में भी मदद मिलती है, क्योंकि इसकी पहचान अन्य सामान्य नंबर प्लेटों से अलग होती है। इसके अलावा, जालसाजी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने की घटनाओं पर काबू पाया जा सकता है। यह एक नई तकनीकी पहल है जो सरकारी व्यवस्था को भी दुरुस्त बनाए रखने में सहायक होगी।

पुराने और नए वाहनों पर लागू होगा नियम

यह नियम 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी पुराने और नए वाहनों पर लागू होगा। बिहार में सभी वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन पर अधिकृत डीलर द्वारा HSRP लगाई गई हो। अगर कोई डीलर HSRP के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलता है, तो उसका लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। इसे लागू करने के लिए परिवहन विभाग ने अधिकारियों को कड़ी निर्देश दिए हैं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई वाहन मालिक इस नियम का उल्लंघन न करे।

1 अप्रैल के बाद भारी जुर्माना लगाने के आदेश

1 अप्रैल 2025 से बिना HSRP के सड़क पर चलने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहन मालिकों पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बिहार परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस नियम को लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें जिला प्रशासन और पुलिस विभाग मिलकर काम करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि राज्य भर में कोई भी वाहन HSRP के बिना न चले।

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