बिहार सरकार की चेतावनी: भू-लगान न देने पर होगी कार्रवाई!

पटना: बिहार में सरकार ने भूमि लगान के बकायेदारों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। बिहार सरकार अब भू-लगान के बड़े बकायेदारों के खिलाफ लोक मांग वसूली अधिनियम (पीडीआर एक्ट) के तहत सर्टिफिकेट केस दर्ज करेगी। इसका उद्देश्य प्रदेश में भू-लगान की वसूली को बढ़ावा देना और सरकार के राजस्व को सुदृढ़ करना है।

वसूली का लक्ष्य और प्रगति

चालू वित्त वर्ष में बिहार सरकार ने भू-लगान मद से 600 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन 31 जनवरी तक केवल 435 करोड़ 78 लाख रुपये की वसूली ही हो पाई है। यह लक्ष्य के मुकाबले एक बड़ी कमी है, और इसने सरकार को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया है। इस कमी को देखते हुए अब सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे बड़े बकायेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करें।

पीडीआर एक्ट के तहत कार्रवाई

लोक मांग वसूली अधिनियम (पीडीआर एक्ट) के तहत सरकार बकायेदारों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दर्ज कर सकती है, जिसका मतलब है कि वे न्यायालय के माध्यम से वसूली की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं। यह कानूनी कदम उस समय उठाया जाएगा जब किसी बकायेदार द्वारा निर्धारित समय में भू-लगान का भुगतान नहीं किया जाएगा। इससे जुर्माना और अधिक कानूनी दंड की संभावना भी उत्पन्न हो सकती है, जिससे लोगों को समय पर लगान भुगतान के लिए प्रेरित किया जा सके।

विभागीय स्तर पर पहल शुरू

राजस्व और भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को एक पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे भू-लगान के बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर, उन पर कानूनी कार्रवाई शुरू करें। साथ ही, जिलाधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वे इस प्रक्रिया को शीघ्रता से निपटाने की कोशिश करें ताकि सरकारी राजस्व की वसूली में कोई रुकावट न आए।

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