चीन की रक्षा बजट में वृद्धि
चीन ने इस बजट में बढ़ोतरी के पीछे अपनी सेना की ताकत को बढ़ाने और सैन्य तकनीकों को अत्याधुनिक बनाने की आवश्यकता को प्रमुख कारण बताया है। चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग के सामने पेश किए गए इस बजट में कहा गया है कि शांति और संप्रभुता के लिए ताकत जरूरी है। चीन का मानना है कि अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए इसे अपनी सैन्य क्षमता को और अधिक मजबूत करना होगा, खासकर अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते व्यापार युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच।
भारत के मुकाबले: रक्षा खर्च
भारत की बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने रक्षा मंत्रालय को 6,81,210.27 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो पिछले वर्ष से 9.53% अधिक है। हालांकि यह वृद्धि चीन के मुकाबले काफी कम है, लेकिन भारत का रक्षा बजट दुनिया के सबसे बड़े रक्षा खर्च वाले देशों में से एक है। भारत ने अपना रक्षा बजट बढ़ाया है, लेकिन यह चीन के खर्च के मुकाबले बहुत कम है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य और प्रभाव
चीन के रक्षा बजट में वृद्धि न केवल एशिया बल्कि वैश्विक सुरक्षा पर भी प्रभाव डाल सकती है। चीन का यह कदम विश्व शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाला हो सकता है। चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता विशेषकर अमेरिका और यूरोपीय देशों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। चीन की यह नीति एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संघर्ष को और तेज कर सकती है। इसके अलावा, यह क्षेत्र में चीन के प्रभाव को और मजबूत करने के लिए किया जा रहा कदम हो सकता है, जिससे उसके पड़ोसी देशों के लिए चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

0 comments:
Post a Comment