कब शुरू होगा निर्माण?
परियोजना के लिए ओमान की गल्फर इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ समझौता किया जा चुका है। फिलहाल कंपनी बैंक से फाइनेंस जुटाने की प्रक्रिया में है, जिसमें लगभग चार महीने का समय लगेगा। उम्मीद है कि सितंबर तक निर्माण कार्य जमीन पर उतर जाएगा।
दो चरणों में होगा काम
इस 120 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे को दो हिस्सों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में पटना से भोजपुर तक लगभग 46 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में आरा से सासाराम तक करीब 74 किलोमीटर का निर्माण होगा। पूरी परियोजना को अब 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सफर होगा तेज और आसान
अभी पटना से सासाराम की यात्रा में करीब चार घंटे लगते हैं, लेकिन इस एक्सेस-कंट्रोल्ड फोरलेन सड़क के बनने के बाद यही दूरी लगभग दो घंटे में तय की जा सकेगी। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?
यह सड़क पटना से शुरू होकर भोजपुर होते हुए सासाराम तक जाएगी। इसके जरिए अरवल और रोहतास जैसे जिलों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही पीरो, नौबतपुर, सहार, हसन बाजार, संझौली और नोखा जैसे कस्बों के लोगों के लिए आवागमन आसान हो जाएगा।
कनेक्टिविटी में होगा बड़ा सुधार
यह नया कॉरिडोर कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को आपस में जोड़ेगा, जिससे बिहार के अंदर और बाहर यात्रा करना ज्यादा सुगम होगा। खासतौर पर पटना से बनारस की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह मार्ग काफी फायदेमंद साबित होगा।

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