1. धीरे-धीरे स्ट्रेचिंग करें
यदि पैर की मांसपेशी में ऐंठन हो, तो पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और पंजे को अपनी ओर खींचें। हाथ, पीठ या गर्दन में खिंचाव होने पर भी हल्की स्ट्रेचिंग मददगार हो सकती है। ध्यान रखें कि तेज दर्द होने पर जबरदस्ती खिंचाव न दें।
2. गर्म या ठंडी सिकाई करें
मांसपेशियों में जकड़न होने पर गर्म सिकाई से आराम मिल सकता है। यदि दर्द किसी चोट या सूजन के बाद शुरू हुआ है, तो कपड़े में लपेटकर ठंडी सिकाई की जा सकती है। बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं।
3. पर्याप्त पानी पिएं
शरीर में पानी की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। गर्मी में या शारीरिक मेहनत के दौरान पानी की जरूरत बढ़ सकती है।
4. लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें
लगातार बैठकर काम करने या गलत मुद्रा में रहने से गर्दन, पीठ और मांसपेशियों में तनाव हो सकता है। बीच-बीच में उठकर चलें, शरीर की स्थिति बदलें और बैठते समय पीठ व गर्दन को उचित सहारा दें।
5. खानपान और आराम का ध्यान रखें
संतुलित आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां, दालें, दूध या अन्य उपयुक्त पोषक खाद्य पदार्थ शामिल हों। पर्याप्त नींद और व्यायाम भी मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना मैग्नीशियम या अन्य सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।
कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
यदि ऐंठन बार-बार होती है, लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ सुन्नपन, झनझनाहट अथवा कमजोरी महसूस होती है, तो चिकित्सकीय सलाह लें। अचानक हाथ-पैर में कमजोरी आदि की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

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