यूपी सरकार की 1 बड़ी पहल! महिलाओं के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बीसी सखी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में काम करने का अवसर मिलता है। वे गांव में लोगों को पैसे जमा करने, निकालने और दूसरी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। इससे ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं मिलती हैं और महिलाओं के लिए कमाई का रास्ता खुलता है।

हर महीने मानदेय और कमीशन का मौका

दी गई जानकारी के मुताबिक, चयनित बीसी सखियों को शुरुआती छह महीने तक हर महीने 4,000 रुपये का मानदेय मिल सकता है। इसके अलावा बैंकिंग लेन-देन के आधार पर कमीशन भी दिया जाता है। बैंकिंग उपकरण या स्मार्टफोन के लिए 50,000 रुपये की सहायता का भी उल्लेख है, लेकिन इसकी उपलब्धता और शर्तों की पुष्टि संबंधित विभाग से करनी चाहिए।

कौन महिलाएं कर सकती हैं आवेदन?

योजना के लिए बताई गई पात्रता के अनुसार, महिला की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच और शैक्षणिक योग्यता कम से कम 10वीं पास होनी चाहिए। उसे उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र की निवासी होने के साथ संबंधित स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य होना भी जरूरी हो सकता है। स्मार्टफोन और डिजिटल एप चलाने की बुनियादी जानकारी उपयोगी रहेगी।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन के समय आधार कार्ड, 10वीं की मार्कशीट, स्वयं सहायता समूह की सदस्यता का प्रमाण, बैंक पासबुक, निवास प्रमाणपत्र और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

बीसी सखी योजना में आवेदन करें?

योजना के लिए उपलब्ध आधिकारिक BC Sakhi ऐप या संबंधित सरकारी माध्यम से आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लें। निर्देशों के अनुसार पंजीकरण करें, अपनी जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज जमा करें। आवेदन संख्या सुरक्षित रखें, ताकि आगे की स्थिति जांच सकें।

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